केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने को केंद्र की मंजूरी, विधानसभा चुनाव से पहले फैसला

केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने को केंद्र की मंजूरी, विधानसभा चुनाव से पहले फैसला

केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का रास्ता साफ कर दिया। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को राज्य विधानसभा की राय के लिए भेजेंगे। विधानसभा की प्रतिक्रिया मिलने के बाद विधेयक संसद में पेश किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस फैसले को राज्य की जनता की इच्छा बताते हुए कहा कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान से जुड़ाव को मजबूत करने के प्रयासों के अनुरूप है।

राज्य में अप्रैल में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जबकि 140 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त होगा। चुनाव से ठीक पहले फैसले के समय पर सवाल उठने पर वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि देशहित में निर्णय लेती है।

गौरतलब है कि 24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से राज्य का नाम ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव में कहा गया था कि मलयालम भाषा में राज्य का नाम ‘केरलम’ है और भाषाई आधार पर 1 नवंबर 1956 को राज्यों के गठन के बावजूद संविधान की पहली अनुसूची में ‘केरल’ दर्ज है, जिसे संशोधित किया जाना चाहिए।

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