देश में 24 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग विमानन आपात घटनाओं ने हवाई सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। एयर एम्बुलेंस दुर्घटना, हेलीकॉप्टर क्रैश-लैंडिंग और एक यात्री विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद विमान रखरखाव मानकों और नियामकीय निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सोमवार शाम झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया के पास रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट C90 एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई।
मंगलवार सुबह Pawan Hans का एक हेलीकॉप्टर अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के मायाबंदर हेलीपैड के पास समुद्र में क्रैश-लैंड हो गया। हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
इसी दिन SpiceJet की दिल्ली-लेह उड़ान में इंजन संबंधी तकनीकी खराबी आने के बाद विमान को वापस दिल्ली लौटाकर सुरक्षित आपात लैंडिंग करानी पड़ी।

लगातार घटनाओं के बाद विमानन विशेषज्ञों ने खराब रखरखाव और नियामक निगरानी में कमी को लेकर चिंता जताई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) Directorate General of Civil Aviation पर स्टाफ की कमी और निगरानी तंत्र में खामियों के आरोप भी सामने आए हैं।
इन घटनाओं के बीच DGCA ने सख्त कदम उठाते हुए VSR वेंचर्स के चार लियरजेट विमानों को अस्थायी रूप से ग्राउंड करने का आदेश दिया है और गैर-अनुसूचित ऑपरेटरों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं। नियामक ने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही के लिए कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं देश में विमानन सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
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