Kashmir Valley में आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों के बीच 2 मार्च को अधिकारियों ने हाई-स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन इंटरनेट की गति कम की गई है।
ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की शनिवार को तेहरान में एक हवाई हमले में मौत हो गई थी। यह हमला कथित तौर पर Israel और United States के संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान किया गया था। ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को उनकी मौत की पुष्टि की, जिसके बाद दुनिया के कई हिस्सों, जिनमें भारत भी शामिल है, में शोक सभाएं और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
कश्मीर, जहां लगभग 15 लाख की महत्वपूर्ण शिया आबादी है, वहां कई इलाकों में प्रदर्शन की खबरें मिलीं। Lal Chowk, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा सहित कई स्थानों पर लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों को सीना पीटते और अमेरिका तथा इज़राइल के खिलाफ नारे लगाते देखा गया।
एक अधिकारी ने बताया कि घाटी में सभी दूरसंचार नेटवर्क पर हाई-स्पीड मोबाइल डेटा सेवाओं की गति कम कर दी गई है। हालांकि, इन प्रतिबंधों की अवधि को लेकर कोई औपचारिक आदेश तत्काल सार्वजनिक नहीं किया गया।
इस बीच, Jammu and Kashmir Police ने मीडिया संगठनों और डिजिटल समाचार मंचों के लिए एक एडवाइजरी जारी कर विरोध प्रदर्शनों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग में संयम और पेशेवराना रवैया अपनाने की अपील की है।
एडवाइजरी में कहा गया, “अपुष्ट जानकारी, अटकलों या अफवाहों को प्रकाशित करने से बचें। सभी खबरों को विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करने के बाद ही प्रसारित करें तथा सनसनीखेज शीर्षकों से परहेज करें, जो अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकते हैं।”
पुलिस ने जोर देकर कहा कि इस संवेदनशील स्थिति में जनविश्वास बनाए रखने और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए जिम्मेदार और सटीक रिपोर्टिंग अत्यंत आवश्यक है।
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