गौरव गोगोई पर हिमंत का तंज: फिलीपींस की जगह ‘भारत-पाक’ समूह में होना चाहिए था

गौरव गोगोई पर हिमंत का तंज: फिलीपींस की जगह ‘भारत-पाक’ समूह में होना चाहिए था

हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के बजाय “भारत-पाकिस्तान” समूह में रखा जाना चाहिए था। यह टिप्पणी उनके पहले के उस आरोप के संदर्भ में देखी जा रही है, जिसमें उन्होंने गोगोई को “पाकिस्तानी एजेंट” बताया था।

जोरहाट जिले के मरियानी में एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्हें भारत-पाकिस्तान समूह दिया जाना चाहिए था। गलती से भारत-फिलीपींस समूह दे दिया गया। वह ज्यादा सही रहता।”

संसदीय मैत्री समूहों का गठन सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने किया था। इन समूहों में विभिन्न दलों के सांसद शामिल होते हैं और 60 से अधिक देशों को कवर किया जाता है। जोरहाट से लोकसभा सांसद और निचले सदन में कांग्रेस के उपनेता गोगोई को फिलीपींस पैनल का प्रमुख बनाया गया है।

Indian National Congress की असम इकाई ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके प्रदेश अध्यक्ष को भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का प्रमुख बनाया जाना ऐसे समय हुआ है जब मुख्यमंत्री उनके खिलाफ “दुष्प्रचार अभियान” चला रहे हैं। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट में आरोप लगाया कि सरमा पहले भी गोगोई को “पाकिस्तानी एजेंट” बता चुके हैं और यह आरोप 8 फरवरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमजोर पड़ चुका है। पार्टी ने कहा कि असम की जनता समय आने पर जवाब देगी।

यह विवाद असम विधानसभा चुनावों के नजदीक आने के बीच सामने आया है। मुख्यमंत्री और BJP ने गोगोई की ब्रिटिश पत्नी Elizabeth Colburn के जरिए पाकिस्तान से कथित संबंधों के आरोप लगाए हैं।

असम सरकार ने पहले एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया था, जिसमें पाकिस्तानी नागरिक Ali Tauqeer Sheikh द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में कथित हस्तक्षेप की जांच की गई। SIT रिपोर्ट के आधार पर सरमा ने 8 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि गोगोई, कोलबर्न और शेख के बीच “गहरा संबंध” है और इंटेलिजेंस ब्यूरो की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजी गई।

राज्य मंत्रिमंडल ने इस मामले और SIT रिपोर्ट को आगे की जांच के लिए Ministry of Home Affairs को भेजने का निर्णय लिया है।

गौरव गोगोई ने आरोपों से सख्ती से इनकार करते हुए इन्हें “पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद” बताया और 8 फरवरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को “सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर” और “सुपर फ्लॉप” करार दिया।

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