भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित 500 अरब डॉलर की व्यापार डील को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। फिलहाल इस डील का औपचारिक ऐलान हो चुका है, लेकिन अभी तक दोनों देशों ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस समझौते पर अगले हफ्ते आधिकारिक तौर पर साइन होने की संभावना है।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी अधिकारी भारत का दौरा कर सकते हैं। द्विपक्षीय बातचीत पूरी होने के बाद मीडिया की मौजूदगी में ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और एक संयुक्त बयान (Joint Statement) भी जारी किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अमेरिका के साथ इस व्यापार समझौते में भारत ने कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। इन क्षेत्रों में अमेरिका को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी गई है।
भारत इससे पहले भी स्विट्ज़रलैंड, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए समझौतों में कृषि और डेयरी सेक्टर पर समझौता नहीं करता आया है, और यही नीति अमेरिका के साथ प्रस्तावित डील में भी बरकरार रखी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 फरवरी 2026 को भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया था कि भारत पर लगाया गया टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। ट्रंप ने यह भी कहा था कि भारत के साथ यह डील दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगी।
इस डील के बाद दक्षिण एशियाई क्षेत्र में राजनीतिक हलचल भी देखने को मिल रही है। विश्लेषकों का कहना है कि भारत को मिले व्यापारिक लाभों की तुलना में पाकिस्तान को न तो कोई बड़ी ट्रेड डील मिली और न ही टैरिफ में राहत, जिससे क्षेत्रीय संतुलन पर असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारत–अमेरिका के बीच यह बहुप्रतीक्षित 500 अरब डॉलर की ट्रेड डील आखिरकार कब औपचारिक रूप से साइन होती है और इसके ज़मीनी असर कब दिखने लगते हैं।
- Log in to post comments