असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 4 फरवरी को कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) “बहुत व्यापक और पूरी तरह से सही तरीके से” किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया मौजूदा पुनरीक्षण अभियान की तुलना में कहीं अधिक व्यापक होगी।
सोनारी में एक आधिकारिक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल असम में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (Special Revision - SR) चल रहा है, लेकिन चुनावों के बाद पूर्ण रूप से SIR कराया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यहां SIR बहुत व्यापक और सही ढंग से किया जाएगा। मैंने चुनाव आयोग से अभी भी SIR कराने का अनुरोध किया था, लेकिन NRC के प्रकाशित न होने के कारण आयोग ने SR कराया। हम SIR का स्वागत करते हैं।”
मुख्यमंत्री का यह बयान असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की अब तक अनसुलझी स्थिति के संदर्भ में आया है। 31 अगस्त 2019 को प्रकाशित अंतिम NRC में 3,30,27,661 आवेदकों में से 3,11,21,004 नाम शामिल किए गए थे, जबकि 19,06,657 लोगों को बाहर रखा गया था। हालांकि, अब तक NRC को भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा अधिसूचित नहीं किया गया है। सरमा के अनुसार, इसी कारण चुनाव आयोग ने इस चरण में SIR के बजाय विशेष पुनरीक्षण का विकल्प चुना।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा विशेष पुनरीक्षण के बाद तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची में कुल 2,52,01,624 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जो जनवरी 2025 में प्रकाशित पिछली अंतिम सूची की तुलना में 1.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है।
6 जनवरी से पिछले वर्ष 27 दिसंबर के बीच मतदाता सूची में 7,86,841 नए नाम जोड़े गए, जबकि 4,47,196 नाम हटाए गए।
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने 4,78,992 मृत मतदाताओं, 5,23,680 ऐसे मतदाताओं जिन्होंने निवास स्थान बदला, और 53,619 दोहरे प्रविष्टि (डुप्लीकेट एंट्री) के मामले चिन्हित किए। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि इन नामों को अभी सूची से हटाया नहीं गया है। नामों को हटाने या सुधार की प्रक्रिया मौजूदा दावे और आपत्ति अवधि के दौरान औपचारिक आवेदन मिलने के बाद ही की जाएगी।
असम की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
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