पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य ‘युद्ध नशेंयां विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा आतंकवाद के खिलाफ जंग लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है और नशे के पैसों से बनाई गई संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री यह बयान रविवार को जालंधर में नव-नियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को संबोधित करते हुए दे रहे थे।
पीएपी ग्राउंड, जालंधर में 1,746 पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब नशा आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है और इस अभियान में पुलिस योद्धा की भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि नशा तस्कर समाज के दुश्मन हैं और सरकार किसी भी सूरत में उन्हें बख्शने वाली नहीं है।
नशों के खिलाफ लड़ाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “‘युद्ध नशेंयां विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण अब शुरू हो चुका है। जब तक पंजाब से नशे की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे। उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को आधुनिक जांच तकनीकों, विज्ञान और तकनीक से लगातार सशक्त करना जरूरी है। मुझे पूरा विश्वास है कि पंजाब पुलिस अपनी गौरवशाली परंपरा को पूरी पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ कायम रखेगी।”
नव-नियुक्त कांस्टेबलों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह आपके लिए गर्व का क्षण है कि आप पंजाब पुलिस परिवार का हिस्सा बन रहे हैं। पूरी निष्ठा, मेहनत और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और राज्य की प्रगति व जनता की समृद्धि में योगदान दें। आपको जन शिकायतों के समाधान और न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।”
मुख्यमंत्री ने पुलिस से नशा, साइबर अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का आह्वान करते हुए कहा, “पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने ‘बाज़ आंख’ एंटी-ड्रोन सिस्टम लॉन्च किया है, जिसे तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर के ग्रामीण इलाकों में तैनात किया गया है ताकि सीमा पार से नशे, हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति पर सख्ती से रोक लगाई जा सके। हम साइबर अपराध से भी सक्रिय रूप से निपट रहे हैं और पंजाब की स्टेट साइबर क्राइम विंग को नई दिल्ली में आयोजित डिजिटल एविडेंस समिट-2025 में एक्सीलेंस अवॉर्ड-2025 से सम्मानित किया गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “समाज के लिए गंभीर खतरा बने गैंगस्टरों के खिलाफ भी निर्णायक जंग जारी है और उन्हें खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा बल का गठन पंजाब के लिए गर्व की बात है। इसके गठन के बाद सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है, जिसकी भारत सरकार ने भी सराहना की है।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, डीजीपी गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
- Log in to post comments