पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक शिया मस्जिद में हुए भीषण आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 170 से अधिक घायल हो गए। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब कुछ ही दिन पहले बलूचिस्तान में बलूच विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपनी सैन्य मुहिम ‘ऑपरेशन हीरोफ’ के तहत बड़े पैमाने पर समन्वित हमले किए थे।
यह आत्मघाती धमाका इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में स्थित खदीजतुल कुबरा इमाम बारगाह में उस समय हुआ, जब जुमे की नमाज़ जारी थी। यह हाल के वर्षों में पाकिस्तान के शिया समुदाय पर हुए सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है।
हमले से कुछ दिन पहले, BLA ने बलूचिस्तान के कम से कम 10 शहरों में ‘ऑपरेशन हीरोफ फेज़-2’ के तहत एक साथ कई हमले किए थे। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि संगठन का “ऑपरेशन हीरोफ-2 अभी जारी है” और पाकिस्तान सेना द्वारा ऑपरेशन खत्म करने के दावों को पूरी तरह खारिज किया।
BLA ने कहा कि पाकिस्तानी राज्य, मीडिया और सेना की मीडिया शाखा ISPR द्वारा ऑपरेशन समाप्त होने के दावे “झूठे” हैं और ज़मीनी हकीकत को नहीं दर्शाते। संगठन ने दावा किया कि उनका अभियान “दृढ़ संकल्प, निरंतरता और सैन्य सफलता” के साथ जारी है। इसके बाद यह अटकलें तेज़ हो गईं कि क्या इस्लामाबाद मस्जिद विस्फोट का कोई संबंध बलूच विद्रोह से हो सकता है।
हालांकि, अब तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। स्थानीय पुलिस सूत्रों का कहना है कि आत्मघाती हमलावर एक विदेशी नागरिक था और उसके संबंध ‘फितना अल-ख्वारिजी’ से थे — यह शब्द पाकिस्तान में अक्सर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
TTP, जिसे पाकिस्तानी तालिबान भी कहा जाता है, पहले भी शिया समुदाय को निशाना बनाता रहा है। यह आतंकी संगठन शियाओं को “काफिर” बताता है और दावा करता है कि वे “सच्चे इस्लाम” से भटक गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर को इमाम बारगाह के गेट पर रोका गया था, जिसके बाद उसने पहले गोलीबारी की और फिर खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। पाकिस्तानी मीडिया चैनलों पर प्रसारित वीडियो में मस्जिद के अंदर मलबा, टूटे शीशे और ज़मीन पर पड़े शव दिखाई दिए।
इससे पहले, पिछले सप्ताह बलूच विद्रोहियों ने बलूचिस्तान के कई शहरों में पुलिस थानों और सरकारी इमारतों पर कब्ज़ा कर लिया था। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने ‘रद्द-उल-फितना-1’ नाम से बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया।
ISPR ने गुरुवार को दावा किया कि 26 जनवरी को शुरू किया गया यह अभियान “सफलतापूर्वक पूरा” कर लिया गया है, जिसमें 216 आतंकवादी, 36 नागरिक और 22 सुरक्षाकर्मी मारे गए। हालांकि, BLA इन दावों को सिरे से खारिज कर रहा है।
- Log in to post comments