अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब एक व्यक्ति द्वारा मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश का मामला सामने आया। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से उसे मौके पर ही रोक लिया गया और बाद में हिरासत में ले लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान कश्मीर के शोपियां जिले के निवासी अब्दुल अहद शेख के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 55 वर्ष बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वह व्यक्ति मंदिर परिसर में प्रवेश करने में सफल हो गया और सीता रसोई के पास बैठ गया। आरोप है कि वहीं उसने नमाज अदा करने की कोशिश की। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने जब उसे ऐसा करते देखा तो तुरंत हस्तक्षेप किया। बताया जा रहा है कि रोके जाने के बाद उसने नारे भी लगाए, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
यह घटना राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की दूसरी वर्षगांठ से लगभग 12 दिन पहले हुई, जिससे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है। सुरक्षाकर्मियों ने शुरुआती पूछताछ के बाद अहद शेख को अयोध्या पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसके इरादे क्या थे और वह अयोध्या क्यों आया था।
जांच के दौरान उसके पास से काजू और किशमिश बरामद होने की भी जानकारी मिली है। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह अजमेर जाने की योजना बना रहा था। हालांकि पुलिस इस बयान की भी सत्यता की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना के पीछे कोई और व्यक्ति या संगठन तो शामिल नहीं है।
इस बीच, अहद शेख की मानसिक स्थिति को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके इलाज से जुड़े दस्तावेज और उसके परिवार के बयान इस ओर इशारा करते हैं कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। उसके बेटे इमरान ने बताया कि उनके पिता का इलाज श्रीनगर के एक मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल में चल रहा था। परिवार का यह भी कहना है कि अहद शेख अक्सर घर से निकल जाते थे और यह नहीं बताते थे कि वे कहां जा रहे हैं या कितने दिन बाद लौटेंगे।
फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही हैं। साथ ही राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की भी दोबारा समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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