बार एसोसिएशन के विरोध के बीच उत्तर गुवाहाटी में नए न्यायिक परिसर का शिलान्यास करेंगे सीजेआई

बार एसोसिएशन के विरोध के बीच उत्तर गुवाहाटी में नए न्यायिक परिसर का शिलान्यास करेंगे सीजेआई

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्य कांत 11 जनवरी को असम के उत्तर गुवाहाटी स्थित रांगमहल में एक एकीकृत न्यायिक न्यायालय परिसर का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना को राज्य की न्यायिक अवसंरचना के बड़े विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित परिसर को एक आधुनिक “न्यायिक शहर” के रूप में विकसित किया जाएगा। यह लगभग 148 बीघा या करीब 48 एकड़ भूमि पर बनेगा। परियोजना के पहले चरण की अनुमानित लागत लगभग 479 करोड़ रुपये है। इसमें गुवाहाटी हाईकोर्ट, जिला अदालतों की इमारतें और न्याय तक बेहतर पहुंच तथा मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विभिन्न एकीकृत सुविधाएं शामिल होंगी।

मुख्य न्यायाधीश शनिवार शाम गुवाहाटी पहुंचे और उनके सम्मान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम व रात्रिभोज में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

हालांकि, शिलान्यास समारोह ऐसे समय हो रहा है जब वकीलों के एक वर्ग की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है। गुवाहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों ने हाईकोर्ट को नए स्थान पर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के विरोध में रविवार सुबह 10 बजे से चार घंटे की भूख हड़ताल की घोषणा की है।

इस विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के महाधिवक्ता देवजीत सैकिया ने बार एसोसिएशन की आलोचना की और आरोप लगाया कि इस आंदोलन के पीछे “राजनीतिक दलों के साथ गठजोड़” है।

वर्तमान में गुवाहाटी हाईकोर्ट ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर मध्य गुवाहाटी के उज़ान बाज़ार इलाके में कार्यरत है। इस परिसर में एक विरासत भवन और हाल के वर्षों में निर्मित व उद्घाटित एक आधुनिक बहुमंज़िला इमारत शामिल है। महात्मा गांधी रोड के दोनों ओर आमने-सामने स्थित इन दोनों इमारतों को एस्केलेटर से युक्त एक भूमिगत सुरंग जोड़ती है।

अधिकारियों के अनुसार, ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट के पुनर्विकास की राज्य सरकार की योजना के तहत मौजूदा हाईकोर्ट की जमीन का अधिग्रहण आवश्यक है। इसी कारण उत्तर गुवाहाटी में हाईकोर्ट स्थानांतरित करने का प्रस्ताव और अधिक विवाद का विषय बन गया है।

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