साल 2026 में शनि ग्रह अपनी राशि मीन में स्थिर रहेंगे, लेकिन उनकी चाल में बदलाव देखने को मिलेगा। शनि की छाया के प्रभाव से कुछ राशियों के लिए यह वर्ष चुनौतियों भरा हो सकता है। प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय के अनुसार, साल 2026 में किन राशियों के लिए सावधान रहने की जरूरत है और किन उपायों से परेशानियों को कम किया जा सकता है।
शनि 7 मार्च से 13 अप्रैल तक अस्त अवस्था में रहेंगे, 27 जुलाई से 11 दिसंबर के बीच वक्री (उल्टी) चाल में रहेंगे और 11 दिसंबर के बाद मार्गी यानी सीधी चाल में आएंगे।
मेष राशि: शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण। शनि आपके 12वें भाव में हैं, जो हानि और खर्च का भाव है। आय कम हो सकती है, खर्च बढ़ सकता है और बचत करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि किसी बड़ी नौकरी या अवसर के संकेत भी मिल सकते हैं। स्वास्थ्य और अनुशासन पर विशेष ध्यान दें।
मीन राशि: साढ़ेसाती का दूसरा चरण।

कुंभ राशि: साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण।

धनु और सिंह राशि: शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा।

पंडित सुरेश पांडेय के उपाय:
शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
हर शनिवार सुंदरकांड का पाठ करें।
मेहनत और अनुशासन बनाए रखें, आर्थिक और स्वास्थ्य मामलों में सतर्क रहें।
शनि की छाया का प्रभाव कठिनाइयां ला सकता है, लेकिन उपाय अपनाने और संयम बनाए रखने से इस वर्ष सफलता और स्थिरता हासिल की जा सकती है।
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