उत्तराखंड की राजधानी में आंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर रविवार को हजारों लोगों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया, सीबीआई जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास की ओर कूच भी किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले की जांच में पारदर्शिता नहीं है और ‘वीआईपी’ शामिल होने के नए दावों की सीबीआई द्वारा जांच होनी चाहिए।
आंदोलन में शामिल लोगों ने पुलिस बैरिकेड्स को धक्का देकर जोरदार विरोध जताया और सीबीआई जांच, साथ ही सत्य और निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं पुलिस और अधिकारियों का कहना है कि मामला पहले से विशेष जांच दल (SIT) की निगरानी में है और किसी वीआईपी की सीधी संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं, जैसा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया।
इस हत्या मामले में पहले ही तीन आरोपियों रिसोर्ट मैनेजर सौरभ भास्कर, फार्मेन अंकित गुप्ता और पुलकित आर्य को लाइफ सेंटेंस की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन नए आरोप और सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप इस विवाद को फिर से गरमा रहे हैं। विपक्षी दलों ने उच्च न्यायालय-निगरानी में सीबीआई जांच की भी मांग की है
आंकिता भंडारी, जो 19 वर्षीय थीं, को सितम्बर 2022 में रिसोर्ट में मार डाला गया था, और इस घटना ने राज्य में व्यापक आक्रोश और न्याय की मांग को जन्म दिया था।
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