गौहाटी हाईकोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा व केंद्र को नोटिस जारी किया

गौहाटी हाईकोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा व केंद्र को नोटिस जारी किया

गौहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, भारत संघ, असम सरकार तथा पुलिस महानिदेशक को एक जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया, जिसमें मुसलमानों को निशाना बनाते हुए कथित घृणास्पद भाषण देने का आरोप लगाया गया है।
यह जनहित याचिका प्रख्यात बुद्धिजीवी हीरेन गोहाईं समेत तीन याचिकाकर्ताओं ने दायर की है। याचिका में अदालत से मुख्यमंत्री को ऐसे बयान देने से रोकने, कथित भाषणों पर प्राथमिकी दर्ज करने तथा न्यायालय की निगरानी में जांच कराने का निर्देश देने की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश अशुतोष कुमार और न्यायमूर्ति अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने मुख्य याचिका और अंतरिम राहत आवेदन दोनों पर नोटिस जारी किया। हालांकि अदालत ने तत्काल कोई रोक लगाने से इनकार करते हुए मामले को बिहू अवकाश के बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी कि मुख्यमंत्री के सार्वजनिक बयान एक “लगातार पैटर्न” दर्शाते हैं, जो संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता और बंधुत्व के सिद्धांतों का कथित उल्लंघन है। याचिका में “मिया मुसलमान” संबंधी टिप्पणियों सहित कई सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कथित भाषणों के वीडियो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिससे “दंडहीनता का माहौल” बन रहा है।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब हाल ही में भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने इसी तरह की याचिकाओं पर सीधे सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को संबंधित उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा था।
अब मामले में नोटिस प्राप्त पक्षों के जवाब दाखिल करने के बाद गौहाटी हाईकोर्ट में आगे सुनवाई होगी।

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