लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने गुरुवार को केंद्र की भाजपा-नेतृत्व वाली सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव (Privilege Motion) लाकर दिखाए। उन्होंने कहा कि वह किसानों के हक के लिए लड़ते रहेंगे, चाहे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो या विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाए।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने उद्योगपति Anil Ambani का नाम कथित एपस्टीन फाइल्स में होने का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि वह जेल में क्यों नहीं हैं।
इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने लोकसभा को गुमराह किया और निराधार बयान दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्य उनके खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस देंगे। हालांकि सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की संभावना से पीछे हट सकती है, लेकिन राहुल गांधी के भाषण के कुछ शब्दों को रिकॉर्ड से हटाया जा सकता है क्योंकि आरोप प्रमाणित नहीं थे।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को लेकर प्रधानमंत्री पर दबाव था और “डेटा, किसानों, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा” के मामलों में जो हुआ, वैसा कोई प्रधानमंत्री नहीं करता।
गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “FIR कर दो, केस दर्ज कर दो या विशेषाधिकार प्रस्ताव ले आओ-मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। कोई भी व्यापार समझौता जो किसानों की आजीविका को नुकसान पहुंचाए या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। हम किसान-विरोधी मोदी सरकार को अन्नदाताओं के हितों से समझौता नहीं करने देंगे।”
उन्होंने एक वीडियो में कहा, “नरेंद्र मोदी ने देश को बेच दिया, किसानों को बेच दिया। आप मेरे खिलाफ केस कर सकते हैं, मुझे गाली दे सकते हैं। मेरे खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव ले आइए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने संसद में सच बोला है।”
इस बीच भाजपा नेताओं ने विशेषाधिकार प्रस्ताव का समर्थन करते हुए राहुल गांधी की टिप्पणियों को “अपरिपक्व और जिद्दी” बताया। भाजपा सांसद Nishikant Dubey ने लोकसभा में एक ठोस प्रस्ताव पेश कर गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की।
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