भारत से अमेरिका निर्यात होने वाले उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ में बड़ी राहत दी गई है। नए समझौते के तहत भारतीय निर्यात पर लगने वाला अमेरिकी रेसिप्रोकल ड्यूटी घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे तथा विमान के कुछ पुर्जों पर टैरिफ पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे कई प्रमुख क्षेत्रों में भारत के निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में इस बड़े बदलाव की घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 7 फरवरी दोपहर से लागू हो गया है। यह फैसला भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे के तहत लिया गया है, जो व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में एक अहम कदम है। इस व्यापार समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर मार्च में किए जाएंगे।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की मुख्य बातें:
- अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को तत्काल राहत मिलेगी।
- यह अंतरिम समझौता पारस्परिक और संतुलित लाभ पर आधारित है, जो भविष्य में व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते का मार्ग प्रशस्त करेगा।
- इस फैसले से टेक्सटाइल, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, प्लास्टिक, रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और मशीनरी जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलेगा।
- जेनेरिक दवाएं, रत्न-हीरे और कुछ विमान पुर्जों पर टैरिफ पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं, जिससे ‘Make in India’ को मजबूती मिलेगी।
- ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स के लिए भारत को प्रेफरेंशियल टैरिफ-रेट कोटा दिया जाएगा, जबकि विमान पुर्जों को अमेरिकी Section 232 के तहत छूट मिलेगी।
- इसके बदले भारत भी कई अमेरिकी औद्योगिक, कृषि और खाद्य उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा या समाप्त करेगा, जिनमें फल, ड्राई फ्रूट्स, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं।
- भारत अगले पांच वर्षों में लगभग 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की योजना बना रहा है, जिसमें ऊर्जा, विमान, टेक्नोलॉजी और कोकिंग कोल शामिल हैं।
दोनों देश मेडिकल डिवाइस, आईसीटी और कृषि क्षेत्र से जुड़े नॉन-टैरिफ बैरियर्स को भी कम करने पर सहमत हुए हैं।
अगस्त पिछले साल अमेरिका ने भारत पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया था, जिसे बाद में रूसी तेल आयात को लेकर और 25% बढ़ा दिया गया था।
भारत द्वारा रूसी तेल के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर रोक लगाने के बाद अमेरिका ने अतिरिक्त शुल्क हटाया, जिससे कुल टैरिफ 50% से घटकर 18% हो गया।
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