महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक शिक्षण संस्थान में छात्रा पर जबरन नमाज पढ़वाने का आरोप सामने आया है। छात्रा ने कॉलेज की महिला टीचर और कुछ सहपाठियों पर मानसिक दबाव डालने का आरोप लगाया है।
छात्रा ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि हाल ही में उसने कॉलेज के फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम में दाखिला लिया था। आरोप है कि टीचर और कुछ छात्राओं ने रात के समय उसे नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया, और यह दबाव बार-बार डाला गया, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई। छात्रा ने इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन बताया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाडा पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि संबंधित लोगों के बयान लिए जा रहे हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी, और कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कॉलेज के बाहर जमा होकर सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया।
यह मामला न केवल कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी विचार करने पर मजबूर करता है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है।
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