नागालैंड की 30 वर्षीय एक महिला को गुरुग्राम में कथित रूप से चीन आधारित साइबर ठगों की सहायता करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 16 फरवरी को यह जानकारी दी।
आरोपी की पहचान कुंग पनमाए के रूप में हुई है, जो दीमापुर की रहने वाली है और फिलहाल गुरुग्राम के सेक्टर-28 में रह रही थी। उसे गुरुग्राम पुलिस और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) द्वारा संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया। यह अभियान गृह मंत्रालय के तहत चलाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 10 फरवरी को सूचना मिली थी कि एक दंपति सेक्टर-28 के किराए के मकान से अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा है। इसके बाद एसीपी प्रियांशु देवान के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा।
तलाशी के दौरान पुलिस ने सात मोबाइल फोन (तीन स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन और तीन क्षतिग्रस्त हैंडसेट), एक वाई-फाई मॉडेम, तीन सिम कार्ड और एक टूटा हुआ लैपटॉप बरामद किया। इनमें से तीन फोन एक ऐप के जरिए भारतीय नंबरों पर स्वचालित कॉल करते पाए गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने पति के साथ मिलकर चीन में बैठे साइबर ठगों के लिए किराए के मकान में आभासी सिम बॉक्स प्रणाली लगाई थी। इस प्रणाली के जरिए अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को स्थानीय कॉल में बदला जाता था, जिससे विदेश में बैठे ठग भारतीय नागरिकों को आसानी से निशाना बना सकें।
पुलिस के अनुसार, इस जाल का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट ठगी, ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी और निवेश ठगी जैसे अपराधों में किया जा रहा था। महिला की भूमिका उपकरणों को चार्ज रखना और इंटरनेट से जोड़े रखना थी, जबकि उसका पति इस व्यवस्था के बदले कमीशन लेता था।
अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अवैध वीओआईपी सिस्टम अत्यंत जटिल होते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं, क्योंकि इनका उपयोग गुप्त संचार के लिए किया जा सकता है।
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