असम सरकार ने पड़ोसी राज्य मेघालय में हुए कोयला खदान विस्फोट में मारे गए राज्य के तीन मजदूरों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। पीड़ितों की पहचान और शोकाकुल परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों के बीच समन्वय भी तेज किया गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि मृतक मजदूर बराक घाटी के कातिगोरा क्षेत्र के निवासी थे और असम के वरिष्ठ अधिकारी मेघालय सरकार के संपर्क में हैं, ताकि असम से जुड़े अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा सके। उन्होंने कहा, “हमने असम से जुड़े पीड़ितों का विवरण मांगा है। हमारे मुख्य सचिव मेघालय के अपने समकक्ष के संपर्क में हैं।”
गौरतलब है कि गुरुवार को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स ज़िले में एक “अवैध” कोयला खदान में हुए विस्फोट में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई गई थी। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में अनियमित खनन से जुड़े गंभीर खतरों को उजागर किया है।
अनुग्रह राशि की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा था कि वह “पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुए कोयला खदान हादसे में लोगों की दुखद मौत से गहरे दुखी हैं” और उन्होंने “इस गहरे शोक की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं” व्यक्त की थीं।
इस बीच, उत्तर करीमगंज के विधायक ने मृतक दो मजदूरों के घर जाकर उनके परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने निकुंज वैष्णव और कृष्णा वैष्णव के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और मुख्यमंत्री की ओर से तत्काल सहायता का भरोसा दिलाया।
परिवार के सदस्य इस दौरान भावुक हो गए, जिसने इस त्रासदी की गंभीरता और घातक विस्फोट के बाद त्वरित राहत एवं जवाबदेही की जरूरत को और उजागर किया।
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