उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। इस मामले में न्याय की मांग लगातार बढ़ रही है और कांग्रेस ने सरकार से कई स्पष्ट मांगें की हैं। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा और कांग्रेस सचिव वैभव वालिया ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि CBI जांच हो, लेकिन यह जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में की जानी चाहिए।
अलका लांबा ने बताया कि मामले में तीन साल तक देरी हुई और इस दौरान सबूत नष्ट होने का खतरा था। कांग्रेस की मांग है कि VIP एंगल की स्वतंत्र जांच हो, सबूत नष्ट करने वालों पर कार्रवाई की जाए, महिला कार्यस्थलों पर सुरक्षा कानूनों का पालन सख्ती से हो, और राजनीतिक संरक्षण देने वालों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही कहा गया कि CBI निष्पक्ष होकर 6 महीने में केस को अंजाम तक पहुंचाए।
इस मामले में विपक्ष ने 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान भी किया है। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी बात सुनी और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की मांग स्वीकार की थी। लेकिन कांग्रेस अब भी सुप्रीम/हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच कराने पर जोर दे रही है।
कांग्रेस का कहना है कि BJP के लोगों को नैतिकता दिखानी चाहिए और मामले से जुड़े अपराधियों को न्याय प्रक्रिया से दूर रखना चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच हो और अंकिता भंडारी को न्याय मिल सके।
- Log in to post comments