केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 27 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की राष्ट्रीय बैठक में शामिल हुए, जहां सड़क सुरक्षा और परिवहन सुधार से जुड़े 12 अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में घोषणा की गई कि देश के किसी भी राज्य में सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति को अधिकतम 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। यह योजना पहले असम, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में लागू थी, जिसकी सफलता के बाद अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
साथ ही, हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को ₹25,000 की सम्मान राशि दी जाएगी, और ऐसे मददगारों को ‘राहवीर’ नाम दिया गया है। बैठक में हिट-एंड-रन मामलों में मुआवजा बढ़ाकर गंभीर चोट पर ₹50,000 और मृत्यु होने पर ₹2 लाख करने की भी जानकारी दी गई।
अन्य प्रमुख फैसलों में शामिल हैं—
सभी नई सिटी बसें दिव्यांग-अनुकूल और लो-फ्लोर डिजाइन में होंगी (नी-लिंग सिस्टम, रैंप/लिफ्ट, व्हीलचेयर सपोर्ट अनिवार्य)
संशोधित बस बॉडी कोड के तहत बसों का रजिस्ट्रेशन अब टाइप अप्रूवल टेस्ट के बाद ही होगा
स्लीपर कोच बसें सिर्फ ऑटोमोबाइल कंपनियां ही बनाएंगी
बसों में फायर डिटेक्शन, इमरजेंसी एग्जिट, ड्राइवर ड्राउज़ीनेस अलर्ट, और जरूरी सुरक्षा सेंसर अनिवार्य होंगे
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए 100 सबसे दुर्घटना-प्रभावित जिलों में “जीरो फेटैलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम” चलाया जाएगा
नई ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कीम के तहत एक साल में 44 नए ट्रेनिंग सेंटर बने, जबकि 87 और पाइपलाइन में हैं
V2V (वाहन-से-वाहन संवाद तकनीक) पर काम तेज, जिससे दुर्घटनाओं में 80% तक कमी लाने का लक्ष्य
Motor Vehicle Act में 61 संशोधन प्रस्तावित, जो आगामी संसद सत्र में पेश किए जाएंगे
वाहन स्क्रैपिंग से अब तक ₹40,000 करोड़ GST राजस्व, 70 लाख रोजगार, CO₂ उत्सर्जन में बड़ी कमी दर्ज
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